Kashi Vishwanath Temple Tour Guide 2026: काशी दर्शन की पूरी जानकारी हिंदी में

काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन गाइड 2026: पूर्ण जानकारी, स्टेप बाय स्टेप यात्रा और टिप्स

काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन गाइड 2026: पूर्ण जानकारी और स्टेप बाय स्टेप मार्गदर्शन

काशी विश्वनाथ मंदिर का मुख्य दृश्य - गंगा किनारे सोने का शिखर

परिचय: काशी विश्वनाथ मंदिर का महत्व

काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में गंगा नदी के किनारे स्थित भगवान शिव का सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और काशी को शिवजी की नगरी माना जाता है। यहां दर्शन मात्र से मोक्ष प्राप्ति की मान्यता है। मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा बनवाया गया, जबकि शिखर पर सोना महाराजा रंजीत सिंह ने चढ़वाया।

2021 में शुरू हुआ काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना ने मंदिर को और भव्य बना दिया है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का विस्तृत दृश्य

मंदिर का इतिहास और विशेषताएं

मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। इसे कई बार तोड़ा और पुनर्निर्मित किया गया। वर्तमान मंदिर में मुख्य ज्योतिर्लिंग के अलावा अन्नपूर्णा मंदिर, काल भैरव, विश्वनाथ गली के कई छोटे मंदिर हैं। कॉरिडोर के बाद अब मंदिर क्षेत्र बहुत विशाल और सुविधाजनक हो गया है।

काशी विश्वनाथ मंदिर का आंतरिक दृश्य और शिवलिंग

काशी विश्वनाथ कैसे पहुंचें

  • हवाई मार्ग: लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट, बाबतपुर (22 किमी) - दिल्ली, मुंबई, कोलकाता से सीधी फ्लाइट्स।
  • रेल मार्ग: वाराणसी जंक्शन या कैंट स्टेशन - पूरे भारत से जुड़ा।
  • सड़क मार्ग: लखनऊ (300 किमी), प्रयागराज (120 किमी), गोरखपुर (220 किमी) से बस/टैक्सी।
काशी विश्वनाथ मंदिर का भव्य प्रवेश द्वार

यात्रा का सबसे अच्छा समय

साल भर खुला, लेकिन सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च (सर्दियों में सुहावना मौसम)। महाशिवरात्रि, सावन और देव दीपावली में विशेष उत्सव। गर्मी (अप्रैल-जून) में बहुत गर्मी पड़ती है।

स्टेप बाय स्टेप दर्शन गाइड

  1. वाराणसी पहुंचें: होटल या गेस्ट हाउस में चेक-इन।
  2. ऑनलाइन बुकिंग: sugam darshan के लिए shrikashivishwanath.org पर रजिस्ट्रेशन करें।
  3. कॉरिडोर प्रवेश: गेट नंबर 4 (मुख्य) से प्रवेश, सुरक्षा जांच।
  4. फ्री दर्शन: कतार में लगें (1-4 घंटे लग सकते हैं)।
  5. सुगम/विशेष दर्शन: ₹300-500 में तेज प्रवेश।
  6. मुख्य दर्शन: ज्योतिर्लिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाएं।
  7. अन्नपूर्णा और अन्य मंदिर दर्शन: परिसर में ही।
काशी विश्वनाथ मंदिर का सोने का शिखर

गंगा आरती और घाट दर्शन

सुबह सूर्योदय पर घाटों का नजारा और शाम को दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती अवश्य देखें। आरती शाम 7 बजे शुरू होती है।

दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती वाराणसी घाटों पर सूर्योदय का मनोरम दृश्य

पास के दर्शनीय स्थल

  • दशाश्वमेध घाट और गंगा आरती
  • मणिकर्णिका घाट (मोक्ष स्थल)
  • संकट मोचन मंदिर
  • दुर्गा मंदिर
  • तुलसी मानस मंदिर
  • भारत माता मंदिर
मणिकर्णिका घाट का पवित्र दृश्य

रहने और खाने की व्यवस्था

वाराणसी में हर बजट के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला। मंदिर के पास BHEL गेस्ट हाउस, ट्रस्ट धर्मशाला। खाना: बनारसी शुद्ध शाकाहारी - कचौड़ी, जलेबी, ठंडाई, लस्सी, बनारसी पान प्रसिद्ध।

महत्वपूर्ण टिप्स और सावधानियां

  • मंदिर में मोबाइल, कैमरा, बैग प्रतिबंधित - लॉकर में जमा करें।
  • ऑनलाइन स्लॉट पहले बुक करें।
  • पंडों से सावधान, ट्रस्ट काउंटर से पूजा सामग्री लें।
  • गर्मी में पानी साथ रखें।
  • घाटों पर नाव सवारी के लिए पहले रेट तय करें।

निष्कर्ष

काशी विश्वनाथ की यात्रा जीवन का सबसे पवित्र और आध्यात्मिक अनुभव है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु शिवमय हो जाता है।

हर हर महादेव! जय काशी विश्वनाथ!

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